एकतरफा तलाक: कब, कैसे और किन आधारों पर मिलता है?
अगर पति या पत्नी में से कोई एक तलाक लेना चाहता है लेकिन दूसरा तैयार नहीं है, तो ऐसी स्थिति को एकतरफा या विवादित तलाक कहा जाता है। इसमें सीधे तलाक नहीं मिलता, बल्कि कोर्ट में कारण साबित करने पड़ते हैं।
जब शादी खत्म करने के लिए सिर्फ एक पक्ष कोर्ट जाता है और दूसरा पक्ष मना करता है, तो यह एकतरफा तलाक कहलाता है। इसमें कोर्ट यह देखती है कि क्या सच में शादी चलाना संभव नहीं है।
- दोनों की सहमति नहीं होनी चाहिए
- तलाक का पक्का कारण होना चाहिए
- सबूत होना बहुत जरूरी है
1. क्रूरता (Cruelty)
अगर पति या पत्नी मारपीट करे, गाली दे, बार-बार अपमान करे या मानसिक रूप से परेशान करे
2. व्यभिचार (Adultery)
अगर शादी के बाद किसी और के साथ संबंध बनाए
3. परित्याग (Desertion)
अगर कोई 2 साल या उससे ज्यादा समय से बिना वजह छोड़कर चला गया हो
4. धर्म परिवर्तन
अगर पति या पत्नी ने धर्म बदल लिया हो
5. गंभीर बीमारी या मानसिक समस्या
ऐसी बीमारी जिससे साथ रहना मुश्किल हो जाए
6. लापता या संन्यास
अगर 7 साल से कोई खबर न हो या सन्यासी बन गया हो
अगर दूसरा पक्ष बार-बार कोर्ट नहीं आता, तो कोर्ट सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर फैसला दे देती है, इसे एक्स-पार्टी तलाक कहते हैं
अगर दूसरे पक्ष को सही जानकारी नहीं मिली या कोई मजबूरी थी, तो वह कोर्ट में आवेदन देकर इस फैसले को रद्द करा सकता है













