न्यायालय श्री मान
प्रार्थना पत्र बाबत दिए जाने
धारा 1 यह कि प्रार्थी। वादी की भूमि स्थित साहबगंज बरगना व तहसील, जिला- गोण्डा में स्थित है। जिसका बादी मालिक काबिज व अधिकार वान है। उक्त भूमि का नगर पालिका नम्तार- २० हैं।
धारा 2 - यह कि उक्त भूमि चादी की पैतृक सम्पत्ति है। जिसपर वादी से लेकर प्रतिवादी सं। लगायत 5 तक बराबर अधिकार है।
धारा-4 कह कि प्रतिवादी सं०-1 लगायत 5 ने उक्त भूमि को आपसी समझौते के आधार बिना वादी की सहमति के व बिना वादी को उसका अंश दिये विपक्षी / प्रतिवादी संख्या-6 लगायत 8 से इकरारनामा मुहायदाबय बिला कब्जा कर लिया ।
धारा-5 यह कि उक्त इकरारनामा का पंजीकरण उपनिबंधक सदर गोण्डा के कार्यालय में दि०- 4/11/2023 को कराया गया। जो कि वही सं० 1 जिल्द सख्या 13601 के पृष्ठ 33 से 48 तक क्रमांका 4444 पर दि०-4/11/2023 को पंजीकृत किया गया है। धारा-6 यह कि प्रतिवादी सं०-1 लगायत 8 दि०-14/3/2024 उक्त विवादित भूमि पर एकत्र होकर तोड फोड कर पैमाइश करने लगे तव प्रार्थी । वादी को जानकारी हुई। प्रार्थी द्वारा निबन्धक कार्यालय में दिनांक -19/3/ 2024 को सुवाइना किया व दस्तावेज इकरार नामे की नकल हेतु आवेदन किया । एवं इकरारनामे बैनामा रुकवाने के लिए प्रार्थना पत्र के आधार पर उपनिबन्ध गोण्डा देकर । रसीद कटवाई। 100/- धारा-न यह कि प्रतिवादीगणों ने दुषित भावना से वादी को हानि पंहुचाने के उद्देश्य से प्रार्थी । वादी के अंश को अलग ना करते हुये। इकरारनामा निष्पादित कर दिया। धारात यह कि प्रतिवादी उक्त भूमि पर तोडफोड कर उसकी प्रकृति परिवर्तित करने पर आमदा है। षादी द्वारा बार-बार अनुनय विनय करने पर विपक्षीगण आमदा फौजदारी है। धारा-१ यह कि वादी द्वारा प्रतिवादीगणों से तोष्ड-फोड ना करने के लिए वार्ता की किन्त विपक्षीगणों द्वारा राजनैतिक रसूश्व का हवाला देते हुए ऐसा ना करने से कतई इनकार दिनांक- 20/3/2023 को कर दिया।
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